“भैरव सेना संगठन ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, ‘तीर्थ बचाओ अभियान’ को लेकर जताई चिंता”

भैरव सेना संगठन द्वारा आज दर्जनों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी को संगठन द्वारा विगत पांच वर्षों से संचालित “तीर्थ बचाओ अभियान” के अंतर्गत देवभूमि उत्तराखंड के सभी सिद्धपीठ-शक्तिपीठ, धामों एवं तीर्थ क्षेत्रों के 11 किलोमीटर की परिधि में गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंध करने के लिए “पंचगव्य आचमन” को अनिवार्य करने की मांग को लेकर ज्ञापन प्रेषित किया गया।
संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष संदीप खत्री ने बताया कि संगठन द्वारा 15 अप्रैल से पांचवें चरण का “पंचगव्य शुद्धिकरण अभियान” कार्यक्रम चारों धामों में चलाया गया। जिसके अंतर्गत सभी तीर्थ क्षेत्रों की मंदिर समिति, ट्रस्ट, हक-हुकुकधारी, पंडा-पुरोहित तथा हिंदू समाज के वरिष्ठ चिंतकों का भारी समर्थन प्राप्त हुआ, और सभी ने खुलकर गैर-हिन्दूओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने के लिए बिना सांप्रदायिक टकराव के “पंचगव्य आचमन” को सरल उपाय बताया और कहा की सरकार को बिना कुछ सोच-विचार इस विषय पर विधेयक पारित कर शासनादेश बना देना चाहिए। साथ ही खत्री ने कहा कि पंचगव्य शुद्धीकरण अभियान मांग के दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे। अवैध धार्मिक घुसपैठ पर अंकुश लगने के साथ ही धार्मिक क्षेत्र में पंचगव्य आचमन करवाने के लिए सभी तीर्थों में आचमन करवाने के लिए प्रति मंदिर दो व्यक्तियों की आवश्यकता पड़ेगी। पंचगव्य बनाने के लिए भी ग्राम स्तर पर रोजगार उपलब्ध होगा, साथ ही पंचगव्य की उपलब्धता हेतु गोवंश का संरक्षण होगा और गौ हत्या पर भी अंकुश लगेगा।
संगठन के केंद्रीय सचिव संजय पंवार ने कहा कि संगठन द्वारा अभियान का पांच यात्राओं के रूप में सफल आयोजन हो चुका है। अभी तक संगठन द्वारा अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया गया है, परंतु 5 वर्ष की तपस्या पश्चात भी मांग पर विचार न किया गया तो संगठन आंदोलन के लिए भी रूपरेखा तैयार कर रहा है।
कार्यक्रम में उपरोक्त सहित गढ़वाल संभाग अध्यक्ष गणेश जोशी, गौतम बाली, राजकुमार, सुशांत जोशी इत्यादि उपस्थित रहे




