उत्तराखंड

घर में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगा एम्स का हब एंड स्पोक मॉडल, जानिए क्या है ये तरीका

उत्तराखंड में सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक चिकित्साधिकारी तैनात होगा। जिसके माध्यम से एम्स के चिकित्सक मरीजों के रोग की पहचान करेंगे। किसी मरीज को तत्काल दवाई की आवश्यकता होगी तो एम्स की ड्रोन मेडिकल सेवा के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। एम्स ऋषिकेश हब एंड स्पोक मॉडल से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इस मॉडल को एम्स की नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा और अधिक मजबूत करेगी।

एम्स ने हब एंड स्पोक मॉडल के तहत प्राथमिक चरण में कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत अभी कुछ मिशनरियों के अस्पतालों को जोड़ा गया है। हब एंड स्पोक मॉडल के तहत उत्तराखंड के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को एम्स से जोड़ा जाएगा।

एम्स से सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को टेली मेडिसिन से जोड़ा जाएगा। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक चिकित्साधिकारी (सीएचओ) तैनात होगा। जिसके माध्यम से एम्स के चिकित्सक मरीजों के रोग की पहचान करेंगे। किसी मरीज को तत्काल दवाई की आवश्यकता होगी तो एम्स की ड्रोन मेडिकल सेवा के तहत उपलब्ध कराई जाएगी। उत्तराखंड में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या करीब 2500 है। इस मॉडल के तहत एम्स उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से में भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगा। 

क्या है हब एंड स्पोक मॉडल

यह एक संगठनात्मक मॉडल है जो एक प्राथमिक (हब) प्रतिष्ठान और कई माध्यमिक प्रतिष्ठानों (स्पोक) के साथ एक नेटवर्क में सेवा वितरण परिसंपत्तियों की व्यवस्था करता है। इस मॉडल के तहत सभी माध्यमिक प्रतिष्ठान प्राथमिक प्रतिष्ठान से जुड़े रहते हैं।
 

ड्रोन मेडिकल सेवा की हो चुकी हैं करीब 14 उड़ाने

एम्स ऋषिकेश ने इसी माह से नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा भी शुरू की है। अब तक करीब 14 उड़ाने हो चुकी हैं। एम्स ड्रोन मेडिकल सेवा के नोडल अधिकारी डाॅ. जितेंद्र गैरोला ने बताया कि अब तक चंबा, यमकेश्वर, कोटद्वार, न्यू टिहरी व हिंडोलाखाल दवाइयां भेजी गई हैं। सेवा चारधाम यात्रा में भी काफी महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही हब एंड स्पोक मॉडल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

हब एंड स्पोक मॉडल से उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना को प्राथमिक चरण के तहत शुरू कर दिया गया है। योजना के तहत उत्तराखंड के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को जोड़े जाने के साथ यूपी के कुछ आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को जोड़ा जाएगा। – प्रो. मीनू सिंह, निदेशक, एम्स ऋषिकेश

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