उत्तराखंड

काशी में गंगा आरती के वक्त नहीं खड़ी होंगी 600 छोटी नावें, पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर हुआ निर्णय

काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन पूजन के बाद गंगा आरती देखने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ जुट रही है। ऐसे में शाम 4 से रात 8 बजे तक गंगा आरती स्थल पर नावों के लिए प्रतिबंध रहेगा। पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा कारणों से इन पर पाबंदी लगाने का निर्णय लिया गया।

गंगा आरती को लेकर शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक दशाश्वमेध घाट पर छोटी नावें न तो पार्क होंगी न उनका संचालन होगा। इस पर नाविक समाज और जल पुलिस के साथ हुई बैठक में सहमति बनी। इस समय गंगा में करीब 600 छोटी नावें हैं।

जल पुलिस प्रभारी मिथिलेश यादव ने बताया कि पर्यटकों का सर्वाधिक दबाव दशाश्वमेध और शीतला घाट पर होता है। इस दौरान करीब 1500 नावों से पर्यटक गंगा आरती देखते हैं। इसमें छोटी चप्पू वाली नावें शामिल रहती हैं। पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा कारणों से इन पर पाबंदी लगाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान आरती स्थल से दूर चप्पू वाली नावों का संचालन किया जा सकता है। मां गंगा निषाद राज सेवा न्यास अध्यक्ष ने बताया कि काशी आने वाले पर्यटक सुरक्षित गंगा आरती देख सकें इसके लिए यह निर्णय लिया गया है।

आरती के बाद लेन में ही चलेंगी नावें
जल पुलिस के मुताबिक आरती के दौरान अस्सी की ओर जाने वाली नावें घाट किनारे से जबकि अस्सी से आने वाली नावें गंगा के दूसरी छोर रेती की ओर से चलेंगी। जल पुलिस स्पीड बोट से जगह-जगह मॉनीटरिंग करेगी।

नाविक समाज ने एडीएम सिटी को सौंपा ज्ञापन
मां गंगा निषादराज सेवा न्यास ने एडीएम सिटी आलोक वर्मा को पत्रक सौंपकर क्रूज का संचालन बंद कराने की मांग की है। आरोप लगाया कि क्रूज संचालन से नाविकों का हित प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन सौंपने वालों में बबलु मांझी, अजीत रहे।

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